भुवनेश्वर, 29 मई 2026।
राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बढ़ते अपराध और आम जनता में बढ़ रही असुरक्षा की भावना को लेकर नेशनल क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (NCIB), ओडिशा द्वारा उठाई गई आवाज का प्रभाव अब प्रशासनिक स्तर पर दिखाई देने लगा है। NCIB द्वारा गृह विभाग, ओडिशा सरकार को भेजे गए विस्तृत ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए राज्य के गृह (विशेष शाखा) विभाग ने मामले को डीजीपी एवं आईजी पुलिस, ओडिशा के पास आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया है।
NCIB ओडिशा के राज्य निदेशक सुदाम चरण दास द्वारा भेजे गए पत्र में राज्य में बढ़ रही हत्या, लूट, चोरी, महिला अपराध तथा संगठित आपराधिक गतिविधियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई थी। ज्ञापन में हाल के कई चर्चित मामलों का उल्लेख करते हुए कहा गया था कि अपराध की बढ़ती घटनाओं ने जनता के बीच भय और असंतोष का माहौल पैदा कर दिया है।
NCIB ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा था कि कानून का राज स्थापित करने, पुलिस प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने तथा अपराधियों के विरुद्ध त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। संगठन ने यह भी मांग की थी कि राज्य में शांति, न्याय और जनविश्वास की पुनर्स्थापना के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
NCIB की इस जनहित पहल को गंभीरता से लेते हुए ओडिशा सरकार के गृह विभाग ने 29 मई 2026 को जारी आधिकारिक पत्र के माध्यम से डीजीपी एवं आईजी पुलिस को पूरे मामले से अवगत कराया और आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। साथ ही इसकी सूचना NCIB को भी प्रदान की गई।
विदित हो कि NCIB लंबे समय से अपराध नियंत्रण, भ्रष्टाचार विरोधी जागरूकता और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रशासन के समक्ष उठाने का कार्य करता रहा है। ओडिशा में कानून-व्यवस्था को लेकर उठाई गई यह पहल भी इसी जनसरोकार का हिस्सा है। संगठन का मानना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों की चिंताओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाना और जवाबदेही सुनिश्चित करना एक महत्वपूर्ण सामाजिक दायित्व है।
NCIB ने स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था को निशाना बनाना नहीं, बल्कि समाज में शांति, सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए रचनात्मक हस्तक्षेप करना है। संगठन भविष्य में भी जनता से जुड़े मुद्दों को संबंधित प्रशासनिक एवं संवैधानिक संस्थाओं के समक्ष मजबूती से उठाता रहेगा।

