राजस्थान सूचना आयोग का सख्त रुख: आदेश की कथित अवहेलना पर ग्राम विकास अधिकारी को व्यक्तिगत पेशी का समन

जयपुर/चूरू | 13 जुलाई 2026 |

राष्ट्रीय अपराध जांच ब्यूरो (NCIB) के राज्य जनसंपर्क अधिकारी सम्पत सिंह राजपुरोहित द्वारा दायर परिवाद पर राजस्थान राज्य सूचना आयोग ने बड़ा कदम उठाते हुए ग्राम पंचायत जीवंदेसर के राज्य लोक सूचना अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी को 07 सितम्बर 2026 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का समन जारी किया है। साथ ही पुलिस अधीक्षक, चूरू को समन की विधिवत तामील कर रिपोर्ट आयोग को भेजने के निर्देश दिए हैं।

परिवाद में आरोप लगाया गया है कि आयोग द्वारा 31 जुलाई 2025 को पारित आदेश के बावजूद मांगी गई सूचना पूर्ण रूप से उपलब्ध नहीं कराई गई तथा अपूर्ण एवं भ्रामक जानकारी देकर आदेश की कथित अवहेलना की गई। इसी आधार पर सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 18 के तहत शिकायत प्रस्तुत की गई।

आयोग ने सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 18(3) के तहत जारी समन में स्पष्ट किया है कि यदि समन की विधिवत तामील के बाद भी संबंधित अधिकारी उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनके विरुद्ध कानून के अनुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।

सम्पत सिंह राजपुरोहित ने कहा कि आरटीआई कानून का उद्देश्य प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है तथा सूचना आयोग के आदेशों का समयबद्ध पालन प्रत्येक लोक प्राधिकारी की जिम्मेदारी है।

अब इस मामले की अगली सुनवाई 07 सितम्बर 2026 को राजस्थान राज्य सूचना आयोग, जयपुर में होगी।