चूरू/राजस्थान, 22 फरवरी 2026।
एनसीआईबी की पहल से चूरू की संदिग्ध मौत का मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग पहुंचा, NHRC द्वारा मामला दर्ज करने से पीड़ित परिवार में जगी निष्पक्ष जांच एवं न्याय की उम्मीद।
राजस्थान के चूरू जिले की सरदारशहर तहसील स्थित ग्राम छोटी सवाई में युवक सांवरमल राजपुरोहित का शव मिट्टी में दबा हुआ मिलने की घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी और गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। 19 फरवरी 2026 को मिट्टी की खुदाई के दौरान लोडर मशीन से शव बरामद हुआ। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। प्रारंभिक तौर पर यह मामला अत्यंत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु के रूप में सामने आया है, जिसकी जांच जारी है।
इस गंभीर मामले को मानवाधिकार और न्याय से जुड़ा विषय मानते हुए राष्ट्रीय अपराध जाँच ब्यूरो (NCIB) के राज्य जनसंपर्क अधिकारी श्री सम्पत सिंह राजपुरोहित ने तत्परता और संवेदनशीलता दिखाते हुए मामला राष्ट्रीय स्तर पर उठाया। उनके द्वारा राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, नई दिल्ली में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई, जिस पर आयोग ने त्वरित संज्ञान लेते हुए 20 फरवरी 2026 को इसे डायरी नंबर 3857/IN/2026 के रूप में पंजीकृत कर लिया।
शिकायत में प्रकरण की निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने, संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा मृतक के आश्रित परिवार को ₹10 लाख की अंतरिम आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की गई है। मृतक अपने पीछे पत्नी और एक नाबालिग बच्चे को छोड़ गए हैं, जिनका जीवन अब न्याय और प्रशासनिक सहयोग पर निर्भर है।
एनसीआईबी द्वारा इस मामले को मानवाधिकार आयोग तक पहुंचाना यह दर्शाता है कि नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए संस्थाएं सजग और प्रतिबद्ध हैं। मानवाधिकार आयोग द्वारा मामले का पंजीकरण होने से आमजन में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है तथा यह उम्मीद जगी है कि निष्पक्ष जांच के माध्यम से सच्चाई सामने आएगी और पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा।
यह घटना एक बार फिर इस बात को रेखांकित करती है कि किसी भी नागरिक के जीवन, सम्मान और सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है। राष्ट्रीय स्तर पर मामले का संज्ञान लिया जाना न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम माना जा रहा है।



