एनसीआईबी की शिकायत पर प्रमुख सचिव सख्त, जल जीवन मिशन की होगी उच्चस्तरीय जांच

09 May 2026, प्रतापगढ़

प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन में कथित अनियमितताओं और अधूरे कार्यों को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बीच अब शासन स्तर पर सख्ती शुरू हो गई है। नेशनल क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (NCIB) द्वारा भेजे गए शिकायती पत्र पर संज्ञान लेते हुए प्रदेश के प्रमुख सचिव ने संबंधित विभाग को उच्चस्तरीय जांच के निर्देश जारी किए हैं।

जानकारी के अनुसार जिले के कई गांवों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत कराए गए कार्य अधूरे पड़े हैं। पाइप लाइन बिछाने और पेयजल व्यवस्था के नाम पर गांवों की सड़कें खोद दी गईं, लेकिन न तो नियमित जलापूर्ति शुरू हो सकी और न ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराई गई। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों द्वारा लगातार शिकायतें किए जाने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। इसी क्रम में NCIB के जिला निदेशक द्वारा प्रमुख सचिव को एक विस्तृत शिकायती पत्र भेजा गया, जिसमें विकासखंड स्तर पर कराए गए कार्यों की गुणवत्ता, वित्तीय अनियमितताओं और कार्यदायी संस्थाओं की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि कई एजेंसियां अधूरा कार्य छोड़कर गायब हो गई हैं, जबकि सरकारी धन का उपयोग पूर्ण कार्य दर्शाकर किया गया। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि परियोजना की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण में गंभीर लापरवाही बरती गई है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रमुख सचिव ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। शासन के इस कदम के बाद विभागीय स्तर पर हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि जांच के दौरान दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, ठेकेदारों और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने शासन के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यदि निष्पक्ष जांच हुई तो जल जीवन मिशन में हुए बड़े स्तर के भ्रष्टाचार और लापरवाही का खुलासा हो सकता है। उनका कहना है कि योजना का उद्देश्य गांव-गांव तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना था, लेकिन भ्रष्टाचार और अव्यवस्था ने इसकी छवि को प्रभावित किया है।

वहीं ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि शासन के हस्तक्षेप के बाद अधूरे कार्य जल्द पूरे होंगे और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।