म्यांमार में जारी तनाव के बीच एनसीआईबी मणिपुर इकाई लगातार विस्थापित लोगों की कर रही है सहायता

मणिपुर — 13 नवंबर 2025
म्यांमार में पिछले कई महीनों से जारी जातीय तनाव और हिंसा के कारण बड़ी संख्या में लोग अपने घर-बार छोड़कर मणिपुर आने के लिए मजबूर हुए हैं। म्यांमार से आए चिन-कुकी समुदाय और मैतेई हिंदू समुदाय के बीच हुए संघर्ष ने राज्य में मानवीय संकट को गहरा कर दिया है। हिंसा की शुरुआत 3 मई 2025 से मानी जाती है, और तब से लेकर अब तक कई लोगों ने अपने घर, संपत्ति और परिवार के सदस्यों को खोया है।

इस चुनौतीपूर्ण परिस्थिति के बीच एनसीआईबी (NCIB) मणिपुर इकाई लगातार ग्राउंड पर रहकर विस्थापित लोगों की मदद कर रही है। टीम राहत शिविरों में पीड़ित परिवारों के लिए भोजन, चिकित्सा सहायता, मनो-सामाजिक परामर्श तथा आवश्यक सामग्रियों की व्यवस्था करने में सक्रिय रूप से जुटी हुई है। विस्थापित लोगों की सुरक्षा और उनकी मूलभूत जरूरतों को पूरा करने के लिए अधिकारी प्रतिदिन अलग-अलग स्थानों का दौरा कर स्थिति का आकलन कर रहे हैं।

हालांकि अभी भी स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी है। एनसीआईबी अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित समुदायों को अभी भी निरंतर सहायता और संरक्षण की आवश्यकता है।

स्थानीय नागरिकों और राहत शिविरों में रह रहे लोगों ने एनसीआईबी की निरंतर सेवा और मानवीय सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है। संगठन ने यह भी आश्वासन दिया है कि शांति और सुरक्षा बहाल होने तक सहायता कार्य बिना बाधा जारी रहेगा।